Wednesday, August 31, 2016

Kanwal Speaks - September 01, 2016 at 10:15AM

ੲੇਕੁ ਸਬਦੁ - ਪ੍ਰੋਫ਼ੈਸਰ ਕਵਲਦੀਪ ਸਿੰਘ ਕੰਵਲ
by अहं सत्य

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ੲੇਕੁ ਸਬਦੁ - ਪ੍ਰੋਫ਼ੈਸਰ ਕਵਲਦੀਪ ਸਿੰਘ ਕੰਵਲ - September 01, 2016 at 10:15AM


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Kanwal Speaks - September 01, 2016 at 07:58AM

मुफ़्त की सलाह देने वाले कृपया दूरी बनाए रखें, आपकी मंत्रणा और सलाह की कोई ज़रूरत नहीं है, धन्यवाद; हाँ, अगर आप 200 कनेडियन डॉलर प्रति घंटे के हिसाब से आप की बातें सुनने का भुगतान कर सकें, तो आपका स्वागत है । #कंवल
by अहं सत्य

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Kanwal Speaks - September 01, 2016 at 07:50AM

मैं किसी भी धर्म पर आधारित राज्य के सिद्धांत और राज्य सत्ता को किसी भी प्रकार से धर्म या पंथ विशेष की पत्नी या वेश्या बनाकर रखने का घोर विरोधी हूँ । #कंवल
by अहं सत्य

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Kanwal Speaks - September 01, 2016 at 07:29AM

Sex drive or sex life of a public figure is not a matter of public interest, and thus could not be made to expose to the public scrutiny, by any mean or under any justification. #Kanwal
by अहं सत्य

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Kanwal Speaks - September 01, 2016 at 07:23AM

कोई अपने निजी कक्ष में पूर्ण नग्न हो या बीसियों के साथ सामूहिक संभोग करे, तुम्हें इस पर बात करने का, दोषारोपण करने का या फिर न्यायमूर्ति बनकर बैठ जाने का किसी भी प्रकार से कोई अधिकार नहीं क्योंकि किसी की भी व्यक्तिगत स्वतंत्रता और निजता तुम्हारे बोलने के अधिकार से पहले आती है; हाँ, तुम बात तब करो जब यह नग्नता, कामातुरता या दोषपूर्ण आचरण कोई तुम्हारे संविधान, संवैधानिक संस्थानों और पदों के साथ दिखाए । #कंवल
by अहं सत्य

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Kanwal Speaks - September 01, 2016 at 07:14AM

When it is someone's personal life behind his four walls, you have no right to judge the same. #Kanwal
by अहं सत्य

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Kanwal Speaks - August 31, 2016 at 05:54PM

तरुण सागर और हरियाणा विधानसभा प्रकरण में मेरी और से जो भी अलोचना है वह किसी भी प्रकार से जैन मुनि और उनके अनुयायियों के निजी धार्मिक विश्वास की नहीं बल्कि एक सविधानिक संस्था में उनको एक धार्मिक व्यक्ति के तौर पर उच्चतर सिंहासन पर बिठाकर संवैधानिक पदों को नीचा दिखाने की है, और दूसरी ओर धर्म और धर्म आधारित जघन्य राजनीति के फैलाव का विरोध भी इसमें निहित है, और वहीं साथ ही साथ इस बात पर भी ज़ोर है कि विधानसभा में निर्वस्त्र जाना असल में कानून बनाने वाली इस संविधानिक संस्था का घोर अपमान है, हालांकि यह बात अलग है कि इस देश की संसद और विधानसभायें असल में चरित्रहीन नंगों से ही भरी हुई हैं ! बाकि निजी ज़िंदगी में वे क्या विश्वास रखते हैं, किस प्रकार की धार्मिक पद्धति से जीवन निर्वाह करते हैं, इस से किसी को कोई भी मतलब नहीं होना चाहिए, और न ही कोई इस में हस्तक्षेप करने का कोई भी अधिकार रखता है । #कंवल
by अहं सत्य

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Kanwal Speaks - August 31, 2016 at 05:53PM

तरुण सागर और हरियाणा विधानसभा प्रकरण में मेरी और से जो भी अलोचना है वह किसी भी प्रकार से जैन मुनि और उनके अनुयायियों के निजी धार्मिक विश्वास की नहीं बल्कि एक सविधानिक संस्था में उनको एक धार्मिक व्यक्ति के तौर पर उच्चतर सिंहासन पर बिठाकर संवैधानिक पदों को नीचा दिखाने की है, और दूसरी ओर धर्म और धर्म आधारित जघन्य राजनीति के फैलाव का विरोध भी इसमें निहित है, और वहीं साथ ही साथ इस बात पर भी ज़ोर है कि विधानसभा में निर्वस्त्र जाना असल में कानून बनाने वाली इस संविधानिक संस्था का घोर अपमान है, हालांकि यह बात अलग है कि इस देश की संसद और विधानसभायें असल में चरित्रहीन नंगों से ही भरी हुई हैं ! बाकि निज़ी जिंदगी में वे क्या विश्वास रखते हैं, किस प्रकार की धार्मिक पद्धति से जीवन निर्वाह करते हैं, इस से किसी को कोई भी मतलब नहीं होना चाहिए, और न ही कोई इस में हस्तक्षेप करने का कोई भी अधिकार रखता है । #कंवल
by अहं सत्य

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