Take and Philosophy of "Kawaldeep Singh Kanwal" on this Universe and happenings in and around.
Tuesday, June 16, 2015
Kanwal Speaks - June 17, 2015 at 12:33AM
हाड-मास और रक्त के नियोग से किए परिश्रम के पसीने से निर्मित स्वास्थ्य के ओजस्वी तेज के समक्ष सभी अश्रमिय एवं पूँजीवादीय-ढकोसले-युक्त योग-आसन इतियादि केवल गौण तथा शून्य हैं । #कंवल
by अहं सत्य
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